दूध का बिजनेस करने वालों के लिए सरकार एक ऐसी योजना लेकर आई है, जिससे किसान और दूध व्यापारी मालामाल हो सकते हैं. इसके लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है. जिससे अच्छी नस्लों के पशुओं का पालन किया जा सके. जानिए क्या है सरकार की योजना.
सब्सिडी पर दुधारू पशु दे रही सरकार
उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार ने बताया कि “समुन्नत और नंदीशाला योजना के अंतर्गत नंदी सांड की कुल लागत 25720 रुपए है, जिसमें शासन की योजना अनुसार 75 प्रतिशत राशि 19290 रुपए का अनुदान और 25 प्रतिशत राशि 6430 रुपए हितग्राही का अंशदान होता है. इसके साथ ही समुन्नत योजना के अंतर्गत मुर्रा पाड़ा जिसकी कुल लागत 60000 रुपये है, जिसमें शासन की योजना के अनुसार 75 प्रतिशत राशि 45000 रुपए का अनुदान और 25 प्रतिशत राशि 15000 रुपए हितग्राही को देना होता है.”
17 हजार पशुपालकों से मिलेंगे अधिकारी
कई किसानों को मिला है योजना का लाभ
डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार ने बताया कि “छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड छिंदवाड़ा में 2, चौरई में 3, तामिया में 2, अमरवाड़ा में 6 और मोहखेड़ में 6 किसान हितग्राहियों को 12 मुर्रा पाड़ा और 7 हरियाणा नंदी सांड दिए जा चुके हैं. किसान जितेंद्र माहोरे ने बताया कि “इस योजना के तहत 2 मुर्रा पाड़ा लिए हैं. इससे घर की भैंसों की नस्ल में भी बदलाव होगा और आमदनी भी बढ़ेगी.”
सब्सिडी पर दुधारू पशु दे रही सरकार
17 हजार लोगों से मिलेंगे अधिकारी
दिसंबर में दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के दूसरे चरण में भारत पशुधन एप से मिले उन 17100 पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा, जिन्हें 5 से 9 गाय और भैंस मिले हैं. इन पशुपालकों की सूची अनुसार सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री, कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता, गौसेवक, दुग्ध सहकारी समिति कार्यकर्ता, पशु सखी द्वारा उनके घर पहुंचकर मुलाकात की जायेगी.
पोर्टल पर अपडेट की जाएगी जानकारी
सूची को वेरीफाई करने के बाद पशुपोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में प्रभावी रूप से पशुपालक को जागरूक किया जाएगा. साथ ही कितने पशुओं में टैग नहीं लगा है इसकी जानकारी भी पोर्टल में अपलोड की जाएगी.
हितग्राही को देने होते हैं मात्र 25% राशि
क्यों शुरू की गई सरकार की ये योजना
मध्य प्रदेश सरकार पशुधन में सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए समुन्नत और नंदीशाला योजना चला रही है. समुन्नत पशु प्रजनन योजना के तहत, प्रगतिशील पशुपालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले प्रजनन योग्य सांड जैसे मुर्रा, सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाते हैं. जिससे पशुओं की नस्ल सुधरती है. नंदीशाला योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायत में किसानों, पशुपालकों को अनुदान पर देशी नस्ल के सांड उपलब्ध कराया जाता है, जिससे लोकल पशुओं की नस्ल में सुधार हो सके.
