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भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के बाद सवाल उठ रहे थे कि इससे भारत के किसानों को नुकसान हो सकता है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया है कि इस डील से कृषि क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने भोपाल में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा है कि वे देश को झुकने नहीं देंगे और किसानों को भी कोई नुकसान नहीं होने देंगे। हाल ही में हुई अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों को नुकसान नहीं होगा बल्कि अमेरिका ने कई भारतीय कृषि निर्यातों पर टैरिफ घटाकर शून्य कर दिया है।
किसानों के हितों की रक्षा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के बाद भी किसानों का हित पूरी तरह से सुरक्षित है। अमेरिकी आयात दूध, फल, प्रमुख फसल या मसाले के लिए नहीं खोला गया है। जिससे देश का कृषि क्षेत्र प्रभावित हो। इस ट्रेड डील के बाद भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिका ने 25% से घटाकर 18% कर दिया। इस डील के बाद सवाल इसीलिए उठाए जा रहे थे क्योंकि वाशिंगटन की तरफ से है दावा किया गया था कि उन्हें दिल्ली को कृषि उत्पाद निर्यात करने में मदद मिलेगी।
व्यापार समझौते में रखा गया ध्यान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों के बारे में पूरी तरह से ध्यान दिया गया है। डील में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो। मुख्य फसले, दूध उत्पादन, और फलों के लिए भारत ने अमेरिका के लिए कोई दरवाजा नहीं खोला है। हरी मटर, खट्टे फल, स्ट्रॉबेरी, केला, दूध उत्पादन, अनाज, गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन, तिलहन, एथेनॉल, तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैरिफ छूट नहीं है। भारत के मसाले भी सुरक्षित है और ना ही कोई दूध से बना पदार्थ जैसे दही, क्रीम, पाउडर, मक्खन का तेल, घी, मक्खन, छाछ, पनीर को भी आयात से बाहर रखा गया है।
निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह कहा कि इस ट्रेड डील के बाद कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटकर अमेरिका ने शून्य कर दिया है जिससे किसानों को मुनाफा होगा क्योंकि इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। भारत से निर्यात होने वाले मसाले में भी 88% की तेजी आई है।
