मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का आयोजन हुआ था जो कि सीहोर में किया गया था। यहां पर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए थे, और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कई घोषणाएं भी की है। जिसमें बताया कि दलहन की खेती के लिए विशेष क्लस्टर मॉडल विकसित किया जाएगा। जिससे दाल की खेती करने वाले किसानों को कई फायदे होंगे। खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा, और कीमत भी उचित मिलेगी।
दलहन किसानों को प्रति हेक्टेयर मिलेंगे ₹10000
दलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹10000 मिलेंगे। दरअसल, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि क्लस्टर के अंतर्गत जो किसान खेती के लिए चुने जाएंगे, उनको बीज किट मिलेगा ₹10000 आर्थिक सहायता मिलेगी और किसानों की मदद से बीज ग्राम बनाए जाएंगे। राज्य में बीज ग्राम स्थापित होगा, जिससे बीज हब विकसित होंगे। इस तरह से दाल की खेती को सरकार प्रोत्साहित कर रही है।
दाल की खरीदी कितने रुपए प्रति क्विंटल पर होगी
दाल की खेती में सरकार सहयोग कर रही है। इस तरह दाल की खरीदी में भी सरकार मदद करेगी। उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी। सरकार उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने का प्रयास करेगी। जिसमें बताया गया कि तुवर दाल का भाव ₹8000 प्रति क्विंटल, मसूर का भाव ₹7000 प्रति क्विंटल, उड़द का भाव 7800 प्रति क्विंटलऔर चना का भाव 5875 रुपए प्रति कुंतल रहेगा। जिससे दाल किसानों को मुनाफा होगा।




