देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. एक ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी की तरफ से 9 दिसंबर को लेकर जो जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कई राज्यों में शीतलहर, घना कोहरा, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. खासतौर पर मध्य भारत, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में ठंड और कोहरे का असर अधिक दिखाई देगा, जबकि अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी के इलाकों में खराब समुद्री मौसम का अलर्ट जारी किया गया है.आईएमडी ने 9 दिसंबर के लिए कई राज्यों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है. मध्य और उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे की चेतावनी दी गई है. वहीं पंजाब, तेलंगाना, विदर्भ, असम, मणिपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में भी ठंड और कोहरे का असर रहेगा.
आईएमडी के अनुसार, 9 और 10 दिसंबर के बीच अंडमान निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना बनी हुई है. 9 दिसंबर को इस क्षेत्र में मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है. समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
आज कैसा रहेगा मौसम?
ठंड की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जबकि उसके बाद फिर से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. मध्य भारत में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. महाराष्ट्र में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है, जबकि उसके बाद के तीन दिनों में तापमान स्थिर रह सकता है. गुजरात, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है.
ठंड के बढ़ते असर के बीच आईएमडी ने शीतलहर को लेकर कई राज्यों के लिए चेतावनी भी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार 9 से 12 दिसंबर के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है. पंजाब में 10 से 12 दिसंबर के बीच शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है. इसके अलावा 9 और 10 दिसंबर को विदर्भ और तेलंगाना में भी शीतलहर चलने की संभावना है. 11 और 12 दिसंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है.
कोहरे को लेकर भी मौसम विभाग ने सतर्कता जारी की है. 9 से 13 दिसंबर के बीच असम और मणिपुर के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की आशंका है. 9 और 10 दिसंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में भी घने कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ने की संभावना है.
कहां बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन?
मौसम की मौजूदा प्रणाली की बात करें तो पूर्वी बांग्लादेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में बना चक्रवाती परिसंचरण भी लगातार बना हुआ है. मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं का ट्रफ 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है, जिसका असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है. दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला पूर्वी हवाओं का ट्रफ भी बना हुआ है. वहीं, 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम भी सक्रिय बनी हुई है, जिसकी रफ्तार 115 नॉट तक पहुंच रही है. इसके अलावा 13 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ असर डाल सकता है.
9 दिसंबर के विशेष मौसम पूर्वानुमान की बात करें तो इस दिन अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की प्रबल संभावना बनी हुई है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है. असम, मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है. इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु और श्रीलंका के तटीय इलाकों, गल्फ ऑफ मन्नार और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं.
मौसम विभाग के अनुसार शीतलहर के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है. बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खुले में काम करने वाले लोगों के लिए ठंड का असर अधिक परेशानी पैदा कर सकता है. किसान वर्ग के लिए भी यह मौसम अहम है, क्योंकि ठंड और कोहरे का प्रभाव फसलों पर पड़ सकता है.




