शिवराज सिंह चौहान ने कहा, गेहूं (0.46%), सरसों (0.14%), सोयाबीन (0.25%) की मंडी कीमतें सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ी हैं. जबकि अरहर (1.22%), चावल (1.20%) चना (0.67%), आलू (6.34%) और टमाटर (6.79%) की मंडी कीमतों में सप्ताह-दर-सप्ताह गिरावट आई है. फिलहाल बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों और तिल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा मिल रही है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कृषि मुद्दों पर समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में रबी की बुआई की प्रगति, मौसम की स्थिति, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली (एनपीएसएस) के माध्यम से कीट सर्वेक्षण, कृषि उत्पादों के आयात और निर्यात सहित मार्केटिंग से संबंधित कई मुद्दे पर चर्चा हुई.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि मुद्दों पर वह स्वयं साप्ताहिक बैठक करने के अलावा, वह समय-समय पर कृषि मंत्रियों के स्तर पर राज्य सरकारों के साथ भी बैठकें करेंगे. उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि इन मुद्दों पर राज्य सरकारों के साथ लगातार जुड़े रहें, क्योंकि जमीनी स्तर पर मुद्दों को संबोधित करने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों की भागीदारी की जरूरत होगी.
कृषि मंत्री ने फसलों की दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि 17 जनवरी 2025 तक कुल बोया गया क्षेत्र 640 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 637.49 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2.51 लाख हेक्टेयर अधिक है. समग्र फसल कवरेज और फसल की स्थिति पिछले साल की तुलना में बेहतर है. रबी टमाटर, प्याज और आलू (टीओपी) की बुआई चल रही है और आज (सोमवार) तक टीओपी फसलों की बुआई पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक है.
गेहूं (0.46%), सरसों (0.14%), सोयाबीन (0.25%) की मंडी कीमतें सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ी हैं. जबकि अरहर (1.22%), चावल (1.20%) चना (0.67%), आलू (6.34%) और टमाटर (6.79%) की मंडी कीमतों में सप्ताह-दर-सप्ताह गिरावट आई है. फिलहाल बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों और तिल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा मिल रही है.
कर्नाटक को मदद का दिया भरोसा
कृषि मंत्री अभी हाल में कर्नाटक दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने बैंगलुरू में राज्य के कृषि, ग्रामीण विकास और राजस्व मंत्री के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में शिवराज सिंह ने राज्य में कृषि योजनाओं, ग्रामीण विकास के कार्यों, राजस्व से जुड़ी गतिविधियों और भारत सरकार की योजनाओं पर मंत्रियों और अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की. बैठक में उन्होंने कहा कि एक होती है आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति लेकिन हम लोग विकास की राजनीति करते हैं, जनकल्याण की राजनीति करते हैं. हमारे देश में संघीय लोकतंत्र है, हमारा मकसद है, राज्य सरकार को हम भारत सरकार की योजनाओं के तहत भरपूर सहयोग करें, ताकि किसी भी कीमत पर कर्नाटक का विकास बाधित ना हो.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित कर्नाटक है. केंद्र सरकार ने पहले जो फंड रिलीज किए थे, कर्नाटक सरकार उसे पूरी तरह से जल्द ही यूटिलाइज करे. वहीं, चौहान ने कहा कि कर्नाटक के राजस्व मंत्री ने वाटरशेड स्कीम के तहत अतिरिक्त फंड का आग्रह किया है, इसलिए हम वाटरशेड स्कीम के लिए कर्नाटक को 97 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड रिलीज कर रहे हैं. राज्य के कृषि मंत्री ने मैकेनाइजेशन की स्कीम के तहत अतिरिक्त फंड की मांग की है, उसे भी हमने स्वीकार किया है. साथ ही केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की आत्मा योजना के लिए अतिरिक्त स्टाफ की भी मांग की गई है जिसे भी हम पूरा करेंगे. इसके अलावा समीक्षा बैठक में तीनों मंत्रियों ने योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर कुछ ज्ञापन सौंपे हैं, इस पर भी हम विचार-विमर्श करेंगे.