मंडियों में प्याज की लगातर गिरती कीमतों से किसानों की चिंता बढ़ती ही जा रही है. एक तरफ जहां पिछले महीने प्याज के दाम आसमान छू रहे थे. वहीं, पिछले कई दिनों से प्याज का दाम लुढ़कता जा रहा है. कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण सबसे अधिक किसान ही इस से प्रभावित हैं. मंडियों में नई प्याज की आवक बढ़ने से कीमतों में और भी कमी देखी जा रही है, जिसके चलते किसानों को उनकी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. वहीं, कई किसान अपनी उपज को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं. बता दें कि महाराष्ट्र की शिरपुर मंडी में किसानों को प्याज की मात्र 101 रुपये न्यूनतम कीमत मिली. मंडियों में दाम कम मिलने से किसान काफी परेशान हैं. ऐसे में आइए जानते हैं महाराष्ट्र की प्याज मंडी में आज के प्याज का भाव. प्याज एक नकदी फसल है और लोग इसका इस्तेमाल पूरे साल करते हैं. वहीं, रबी में प्याज की रिकॉर्ड कीमत को देखकर किसानों ने उम्मीद जताई थी कि खरीफ में भी अच्छा रेट मिलेगा. लेकिन खरीफ प्याज की बढ़ती आवक और घटती मांग के चलते प्याज ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए हैं.
महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज का भाव
प्याज मंडी | आवक (क्विंटल) | न्यूनतम कीमत | अधिकतम कीमत | औसत कीमत |
मुंबई | 7796 | 1000 | 2800 | 1900 |
कराड | 75 | 1500 | 2500 | 2500 |
येवला | 14000 | 300 | 2301 | 1825 |
मनमाड | 8000 | 400 | 2550 | 1900 |
सांगली | 2495 | 500 | 2800 | 1650 |
पुणे | 799 | 500 | 2000 | 1250 |
कर्जत | 180 | 300 | 2500 | 1500 |
शिरपुर | 535 | 101 | 2025 | 1500 |
सोर्स: महाराष्ट्र एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के 16 जनवरी 2025 के आंंकड़े
कीमत ना मिलने से किसान परेशान
प्याज एक नकदी फसल है और लोग इसका इस्तेमाल पूरे साल करते हैं. वहीं, रबी में प्याज की रिकॉर्ड कीमत को देखकर किसानों ने उम्मीद जताई थी कि खरीफ में भी अच्छा रेट मिलेगा. लेकिन खरीफ प्याज की बढ़ती आवक और घटती मांग के चलते प्याज ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए हैं. किसानों का कहना है कि चार महीने की कड़ी मेहनत, सिंचाई और दवाओं के छिड़काव के बाद खर्च की लागत तक नहीं निकल पा रही है. ऐसे में किसानों के मन में सवाल उठ रहा है कि आगे कैसे प्याज की खेती करें? साथ ही किसान सरकार से एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग कर रहे हैं.