ड्रैगन फ्रूट की खेती से मनोज कुमार बने आइकॉन

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क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की मिट्टी में उगने वाला एक विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट, न केवल किसानों की आय बढ़ा सकता है बल्कि उन्हें नई पहचान भी दे सकता है? आइए, मिलते हैं उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मनोज कुमार सिंह से, जो अपनी शानदार ड्रैगन फ्रूट की खेती से एक नई प्रेरणा बन चुके हैं।ड्रैगन फ्रूट की खेती एक ऐसा कदम है, जो किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ा सकती है। सबसे खास बात ये है कि इसमें लागत केवल एक बार लगती है और मुनाफा सालों-साल मिलता है।

खेती की दुनिया में क्रांति

मनोज कुमार सिंह, जिनका जन्म 29 नवंबर 1983 को हुआ, पिछले कुछ वर्षों में खेती की दुनिया में एक क्रांति लेकर आए हैं। उनके पास 11 से 15 एकड़ की जमीन है, जहां उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। ड्रैगन फ्रूट की खेती एक ऐसा कदम है, जो किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ा सकती है। सबसे खास बात ये है कि इसमें लागत केवल एक बार लगती है और मुनाफा सालों-साल मिलता है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए पुरस्कार 

मनोज जी ने साल 2022-2023 में अपने ज़िले में ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रथम पुरस्कार जीता। ये सिर्फ उनकी मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि उनकी दूरदर्शिता और खेती में नए प्रयोगों का भी परिणाम है। ड्रैगन फ्रूट न केवल एक आकर्षक दिखने वाला फल है, बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसकी बढ़ती मांग ने इसे बाजार में एक महत्वपूर्ण फसल बना दिया है।  मनोज जी की सालाना आमदनी 1 से 10 लाख रुपये के बीच है। उन्होंने ये साबित कर दिया कि अगर आप नई तकनीकों और फसलों को अपनाने का साहस रखते हैं, तो सफलता आपके कदम चूम सकती है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती सिर्फ मुनाफा नहीं बल्कि एक नई सोंच

ड्रैगन फ्रूट की खेती सिर्फ मुनाफा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि एक नई सोच है। इससे किसानों को बाजार में नई पहचान मिल रही है और वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी किस्मत बदल रहे हैं।  मनोज कुमार सिंह की सफलता ने उनके आस-पास के किसानों को भी प्रेरित किया है। अब चंदौली के कई किसान उनके मार्गदर्शन में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं।

मनोज कुमार सिंह सिर्फ एक किसान नहीं, एक आइकॉन

आज, मनोज कुमार सिंह सिर्फ एक किसान नहीं, बल्कि एक आइकॉन बन चुके हैं। उनकी मेहनत और नई सोच ने यह साबित कर दिया कि अगर लगन और हिम्मत हो, तो खेती में भी सफलता के नए कीर्तिमान बनाए जा सकते हैं।

ड्रैगन फ्रूट की खेती एक नई उम्मीद, एक नई पहचान

मनोज कुमार सिंह जैसे किसान हमें यह सिखाते हैं कि खेती सिर्फ ज़मीन पर फसल उगाने का काम नहीं, बल्कि अपने सपनों को आकार देने का जरिया भी है।