भारत-अमेरिका ट्रेड डील:कृषि और डेयरी सेक्टर डील से बाहर रहेंगे?

0
33

भारत और अमेरिका के बीच घोषित ट्रेड डील को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस समझौते में 4 से 5 अहम पहलू शामिल हैं, लेकिन अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ ‘मार्केट एक्सेस’ से जुड़े हिस्से का ही ऐलान किया है. बाकी पहलुओं पर बातचीत और दस्तावेजी प्रक्रिया अभी जारी है. ऐसे में ट्रेड डील को लेकर जो बड़े दावे किए जा रहे हैं, वे फिलहाल अधूरे माने जा रहे हैं.डील के बाकी अहम पहलुओं पर बातचीत और दस्तावेजी प्रक्रिया जारी है. ऐसे में पूरे समझौते की तस्वीर अभी सामने आना बाकी है.

सिर्फ मार्केट एक्सेस पर ही हुआ ऐलान
सरकारी अधिकारी ने साफ किया कि अभी तक जो घोषणा सामने आई है, वह केवल बाजार तक पहुंच यानी मार्केट एक्सेस से संबंधित है. वाणिज्य मंत्रालय इस डील के अन्य हिस्सों का ब्योरा तैयार कर रहा है. अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच देने को लेकर फिलहाल कोई पुष्टि या खंडन नहीं किया जा सकता. इसका मतलब है कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर स्थिति अभी खुलकर सामने नहीं आई है.

ट्रंप के ऐलान से बढ़ी हलचल
2 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर India-US ट्रेड डील का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में बड़ी कटौती की जाएगी. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि भारत में अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क शून्य होने की संभावना है. हालांकि भारत सरकार की ओर से इन सभी बिंदुओं की औपचारिक पुष्टि अभी बाकी है.

कृषि और डेयरी सेक्टर पर संशय
अमेरिका के कृषि मंत्री ने दावा किया है कि इस डील से अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात भारत में बढ़ेगा. लेकिन भारत सरकार से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत अपनी पुरानी नीति पर कायम रह सकता है. इसके तहत संवेदनशील कृषि उत्पादों और डेयरी सेक्टर को ट्रेड डील से बाहर रखा जाएगा. माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर बाजार खोलने की संभावना काफी कम है.

अभी चल रही है बातचीत, आगे आएंगे नए ऐलान
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका के वार्ताकार इस समय डील से जुड़े दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कस्टम्स प्रोसीजर और ट्रेड फैसिलिटेशन जैसे अध्यायों पर भी काम चल रहा है, जिनका उद्देश्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना है. इन पहलुओं का ऐलान आने वाले समय में किया जा सकता है. फिलहाल इतना तय है कि India-US ट्रेड डील का पूरा खाका सामने आने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा और निवेशकों व उद्योग जगत को आगे के आधिकारिक ऐलानों का इंतजार करना होगा.