अररिया : रबी का सीजन शुरू होते ही किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा दे सके. इस मौसम में फूलगोभी ऐसी ही फसल है, जो बाजार में ऊंचे दामों पर बिकती है. अगर आप भी इस बार खेती से बड़ा फायदा कमाना चाहते हैं, तो इस देशी किस्म की फूलगोभी आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है.
बिहार में जैसे-जैसे ठंड का मौसम दस्तक दे रहा है. वैसे-वैसे किसान रबी की सीजन की फसलों की तैयारी में जुट गए हैं. इन दिनों राज्य के कई जिलों में किसान सब्जी उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें फूलगोभी की खेती सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रही है. इसका कारण है कम समय में तैयार होना. साथ ही बाजार में उच्च मांग और दोहरा लाभ होना है.
जानें किसान ने क्या बताया
अररिया के लाल मोहन गांव निवासी 12वीं पास युवा किसान योगेश कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि अगर किसान थोड़ी सी तकनीकी जानकारी के साथ खेती करें, तो इससे शानदार मुनाफा कमाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि फूल गोभी की खेती यहां के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.
10 सालों से कर रहे हैं खेती
किसान योगेश कुमार ने बताया कि 10 सालों से खेती-बाड़ी में जुड़े हुए हैं. उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ जमीन पर फूलगोभी की खेती में लगभग 50 हजार रुपए तक की खर्च आती है. उन्होंने बताया कि हम इस बार रॉक स्टार फूल गोभी के बीज की नर्सरी तैयार किए थे. वह खेती के लिए खुद नर्सरी में पौधे को तैयार करते हैं. इसके बाद अपने खेतों में ये फूलगोभी की पौधे लगाते हैं.
3 लाख का मुनाफा कमा रहा है किसान
उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ जमीन पर फूल गोभी की खेती से बढ़िया भाव मिलने पर प्रति एकड़ जमीन पर 1-2 लाख रुपये मुनाफा मिल जाता है. वह अपने 2 एकड़ भूमि पर फूल गोभी की खेती किए हुए हैं. उन्हें उम्मीद है कि वह 3-4 लाख रुपये आसानी से कमा लेंगे. क्योंकि इसकी खेती से किसान तगड़ी कमाई कर लेते हैं. साथ ही बताया कि यह फसल 3 माह में तैयार भी हो जाती है.
वहीं, दूसरे किसान मौहम्मद सादिक ने लोकल 18 से बताया कि यहां की जमीन फूलगोभी की खेती के लिए बहुत ही अच्छी है. ठंड के समय यहां अधिकतर इलाकों में फूलगोभी की खेती होती है. यहां के किसान सितंबर और अक्टूबर महीने में फूलगोभी लगाते हैं और ये फूलगोभी नवंबर और दिसंबर-जनवरी महीने तक तैयार हो जाती है. अगर मार्केट में दाम अच्छा मिलता है तो किसानों की किस्मत चमक जाती है.
किसान ने बताया कि उन्होंने ने भी 12वीं पास के बाद उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. ऐसे में उनके पास कुछ कामकाज भी नहीं था. जहां उन्होंने भी फूल गोभी की खेती करना शुरू किया. आज वह घर बैठे तगड़ी कमाई कर रहे हैं. वह साल में अलग-अलग किस्म की सब्जियों की खेती से 6-7 लाख रुपये आसानी से कमा लेते हैं.
जानें उन्नत किस्में और बुवाई का तरीका
फूलगोभी एक लोकप्रिय सब्जी है. भारत में इसकी कृषि का कुल क्षेत्रफल लगभग 3000 हेक्टर है, जिससे तकरीबन 6,85,000 टन उत्पादन होता है. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तथा अन्य शीतल स्थानों में इसका उत्पादन व्यापक पैमाने पर किया जाता है. वहीं महाराष्ट्र में फूलगोभी की खेती लगभग 7000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है.वर्तमान में इसे सभी स्थानों पर उगाया जाता है. फूलगोभी की खेती पूरे वर्ष की जाती है और फूलगोभी भारत वर्ष की शीतकालीन गोभी वर्गीय सब्जियों में एक प्रमुख सब्जी है. इसमें फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर, चूना, सोडियम, आयरन और विटामिन ए जैसे खनिजों से भरपूर होती हैं. इसलिए इस सब्जी की फसल आहार में महत्वपूर्ण है.कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक पौधा लगाने के 60-80 दिन तथा देर से तैयार होने वाली किस्म से 100-120 दिन में गोभी तैयार हो जाती है.
फूल गोभी की खेती के लिए सही मौसम
सर्दियों की जलवायु इस फसल के अनुकूल है.आमतौर पर 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि के लिए अनुकूल होता है. चूंकि फूलगोभी की किस्में तापमान के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए उन्हें उनकी जलवायु आवश्यकताओं के अनुसार चुना जाना चाहिए.
फूल गोभी की खेती के लिए कैसी हो भूमि ?
गोभी की खेती के लिये सभी प्रकार की अच्छे जल निकास वाली भूमि उपयुक्त होती है, परंतु हल्की एवं दोमट मिट्टी जिसका जल निकास अच्छा होती है. इसके अतिरिक्त भूमि भी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए जिसमें जलभराव की समस्या न हो, तथा उत्तम जीवाश्म वाली मिट्टी हो. जिसका पी.एच मान 5.5 से 6.8 के मध्य होना चाहिए.
फूलगोभी की उन्नत किस्में
इसकी खेती मौसम के आधार अगेती, मध्यम और पछेती खेती के लिए वर्तमान समय में फूलगोभी की कई उन्नत किस्म बाजारों में उपलब्ध है. अगेती किस्में – अर्ली, कुंआरी, पूसा कातिकी, पूसा दीपाली, समर किंग पछेती – पूसा स्नोबाल-1, पूसा स्नोबाल-2, पूसा स्नोबाल-16 मध्यम किस्में – पंत सुभ्रा, पूसा सुभ्रा, पूसा सिन्थेटिक, पूसा अगहनी, पूसा स्नोबाल
उर्वरक और पानी का कब करे उपयोग
फूलगोभी के लिए 75 किग्रा एन, 75 किग्रा एस और 75 किग्रा के भी दें। 75 किग्रा एन की दूसरी किश्त रोपण के 1 माह बाद डालें.
रोगों से फसलों को बचाने का उपाय
रोग : फूलगोभी की सब्जियां विभिन्न कीड़ों से प्रभावित होती हैं जैसे कैटरपिलर लार्वा, पत्ता गोभी पर पत्ता गोभी का मक्खन मक्खी, साथ ही ब्लैक लेग, क्लब रूट, गोनोरिया, सीडलिंग पतन, लीफ स्पॉट जैसे रोग.
उपाय : कीड़ों के संक्रमण के लिए नर्सरी से संक्रमित सब्जियों में एंडोसल्फान 35 सीसी 290 मिली या फॉस्फोमिडॉन 85 डब्ल्यूयूएससी 60 मिली या मैलाथियान 50 सीसी 250 मिली प्रति हेक्टेयर 250 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें.




