किसान का गजब जुगाड़….कूलर चलाकर फसल से निकाला तिल

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खरीफ सीजन की फसलें खलिहानों में आना शुरू हो गई हैं. वहीं, रबी सीजन की बोवनी भी शुरू हो गई है. ऐसे में किसानों के पास समय की कमी है. इसको देखते हुए कुछ किसान स्मार्ट वर्क अपना रहे हैं. दरअसल, छतरपुर में खलिहानों में तिल आना शुरू हो गए हैं. इत तिल को साफ करना एक चुनौती होती है. पुराने जमाने में इसके लिए किसान हाथ पंखों का उपयोग करते थे, लेकिन अब इस काम को छतरपुर के एक किसान ने गजब जुगाड़ से पूरा कर दिया. एक दिन काम दो घंटे में निपट गया.

क्या करते…समय ही नहीं था
किसान गोपी पाल बताते हैं कि इस समय रबी सीजन की बुवाई शुरू हो गई है, लेकिन हमारे यहां तिलहन की फसलें अब भी खलिहानों से आ रही हैं. हमारे पास समय नहीं है. इसलिए हमने पुराने तरीके को छोड़ स्मार्ट तरीके को अपनाया. जुगाड़ लगाया, ताकि हमारा समय बचे और यह बचा समय हम रबी फसल की बुवाई में लगा सकें. हमने कूलर से तिल की सफाई की.

कूलर से किया स्मार्ट वर्क 
किसान गोपी बताते हैं, हमने हांथ पंखे से ही तिल निकालनी थी, लेकिन इस बार बारिश बहुत हुई है. तिल की फसल दो बार बोवनी पड़ी है, इसलिए ये फसल देर से आई. अब इसी समय रबी सीजन की जुताई-बुवाई तेजी  से चल रही है. हमनें सोचा कि क्यों न कुछ जुगाड़ अपनाया जाए. तब आइडिया आया कि कूलर से तिल साफ किया जाए. हालांकि, इससे पहले तिल की घेटियों को कूटना होता है. इसके बाद कूलर की सहायता से इसे साफ करते हैं. तब जाकर साफ तिल हमें मिला.

दिनों का काम घंटे में 
हमारे खेत में बिजली नहीं थी तो कूलर को खलिहान में लाना पड़ा. यहां बिजली की सुविधा है तो घर से कूलर उठाकर ले आए. एग्जास्ट मोटर रखा है तो तेज चलता है, जिससे हमें मेहनत कम लगती है. हमें सिर्फ तसले से तिल को जमीन में गिराना होता है यानी उसाना होता है. तिल का कचड़ा अपने आप साफ हो जाता है. तिल एक ऐसी फसल है कि इसे थ्रेसर से नहीं कतराया जाता है. इसे हाथ से ही निकालना होता है. तिल जो 1 दिन में साफ होना थी, वह 1 से 2 घंटे में हो गया.