-सुसंस्कृति परिहार
इन दिनों मध्यप्रदेश बुंदेलखंड के छतरपुर जिले की घुवारा की आदिवासी बालिका क्रांति गौंड कानाम महिला क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ी देश में बड़े सम्मान से लिया जा रहा है ।उनका बचपन अभावों से गुज़रा है लेकिन उनकी लगन और तेज गेंदबाजी को उनके कोच राजीव बिरथरे ने इतना निखारा कि वे देश की इकलौती सुपर क्रिकेट गेंदबाज खिलाड़ियों में शुमार हैं।
आईसीसी महिला वनडे विश्व कप में क्रांति गौड़ का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आठ मैचों में नौ विकेट लिए। विशेष रूप से ग्रुप चरण में पाकिस्तान के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाई। इसी मैच के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।
क्रांति गौड़ की ऐतिहासिक जीत ने न केवल भारत को महिला वनडे विश्व कप दिलाया बल्कि उनके परिवार की 13 साल पुरानी पीड़ा भी समाप्त कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि क्रांति के लिए एक ऐसा ऐलान किया है, जो उन्हें भावुक करने वाला है। विदित हो उनके पिता जो पुलिस सिपाही है पिछले बारह साल से निलंबन की सज़ा भोग रहे हैं मुख्यमंत्री ने उनकी सजा माफ़ करने का ऐलान किया है।यह इस परिवार के लिए दूसरी जीत के समान है। मुख्यमंत्री ने क्रांति की उस मांग को भी मान लिया जिसमें उन्होंने छतरपुर में क्रिकेट स्टेडियम बनाने की बात कही थी।
क्रांति गौड़ के परिवार में कुल आठ भाई-बहन हैं। उनके बड़े भाई ने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बस कंडक्टर का काम किया। कठिन परिस्थितियों और पिता की बेरोज़गारी के बावजूद, क्रांति ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष किया।
क्रांति ने बचपन में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था। शुरू में लोग उनका मज़ाक उड़ाते थे, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और पूरी तरह से खेल पर ध्यान केंद्रित किया। यही लगन और मेहनत उन्हें विश्व कप जीत तक ले गई। वे आज ग्रामीण अंचल के किशोर और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
क्रांति गौड़ एक भारतीय क्रिकेटर हैं जो राष्ट्रीय टीम के लिए खेलती हैं। वह घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश और महिला प्रीमियर लीग में यूपी वॉरियर्स कामर प्रतिनिधित्व करती हैं।
क्रांति की मेहनत और संघर्ष से भरे इस क्रांतिकारी सफर को सलाम।अभी तक मणिपुर और हरियाणा ने खेल जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की है किंतु मध्यप्रदेश के लिए बहुत ही सुखद समाचार था जब एक आठवीं पास आदिवासी युवती क्रांति ने विश्व महिला क्रिकेट का सितारा बनकर विश्व कप जीतने में अपना विशेष अवदान दिया। जिस पर ना केवल प्रदेश वासी बल्कि देशवासी नाज़ कर रहे हैं।




