बेगूसराय: बिहार में बेगूसराय जिले के किसानों और युवाओं को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है. यूको आरसेटी बेगूसराय की ओर से कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए जिले के इच्छुक किसान और युवा आवेदन कर सकते हैं. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें कृषि आधारित व्यवसाय की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.
दरअसल, देश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर आधारित है. किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र, जिला कृषि विभाग और जीविका सहित कई संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही हैं. इसके बावजूद किसानों का मानना है कि केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग भी जरूरी है ताकि वे कृषि को बेहतर तरीके से व्यवसाय के रूप में अपना सकें. इसी को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में यूको आरसेटी बेगूसराय ने कृषि उद्यमी प्रशिक्षण का रूट मैप तैयार किया है.
मार्च के दूसरे सप्ताह तक कर सकते हैं आवेदन
बेगूसराय यूको आरसेटी के निदेशक सुजीत रजक और प्रशिक्षण से जुड़े अमित कुमार ने लोकल 18 से बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक इच्छुक किसान और युवा यहां आवेदन कर सकते हैं. आने वाला अगला बैच कृषि उद्यमी प्रशिक्षण का होगा, जिसमें खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े व्यवसाय की जानकारी दी जाएगी. यह प्रशिक्षण कुल 13 दिनों का होगा. इस कार्यक्रम में आवासीय सह दिवसीय प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जाएगा और ऑफ कैंपस मोड में जिले के बीरपुर प्रखंड में इसका आयोजन होगा. प्रशिक्षण के दौरान 12 दिनों तक किसानों और युवाओं को कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी. अंतिम दिन परीक्षा ली जाएगी और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा.
खेती की सारी तकनीक सीखने का मिलेगा मौका
जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण के दौरान खेती के लिए उपयुक्त मौसम, नई फसल तकनीक, गौशाला प्रबंधन, बकरी पालन और अन्य कृषि आधारित व्यवसाय की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. साथ ही प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को बैंकिंग सहायता से जोड़ने की भी व्यवस्था की जाएगी. ताकि वे अपना कृषि व्यवसाय शुरू कर सकें.
वहीं, प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने पहुंचे राम उदगार राम ने बताया कि यहां रहने और खाने की भी सुविधा उपलब्ध होती है, जो काफी बेहतर है. उनका कहना है कि प्रशिक्षण के बाद बैंकिंग सहायता मिलने से हम लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं. इसके अलावा आवेदन करने आए नीरज कुमार ने बताया कि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने की जानकारी के लिए उन्होंने यहां आवेदन किया है. उनका मानना है कि इस तरह का प्रशिक्षण किसानों और युवाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.




