झारखंड के पलामू स्थित बेतला नेशनल पार्क अब पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है. यहाँ इको टूरिज्म के तहत ट्री हाउस, मड हाउस और आधुनिक कॉटेज जैसी शानदार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रकृति की गोद में सुरक्षित और आरामदायक प्रवास के साथ-साथ ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा ने सैलानियों की राह आसान कर दी है. जानें इस गर्मी बेतला क्यों है
चिलचिलाती गर्मी और शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से सुकून पाने के लिए झारखंड का बेतला नेशनल पार्क एक बेहतरीन विकल्प है. राज्य का इकलौता राष्ट्रीय उद्यान होने के नाते बेतला इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है. यहां के घने जंगल, चारों ओर फैली हरियाली, वन्यजीवों की अठखेलियां और प्राकृतिक शांति सैलानियों को अपनी ओर खींच रही है.
इको टूरिज्म का केंद्र, पलामू टाइगर रिजर्व
बेतला नेशनल पार्क पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत आता है. वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ यहां ‘इको टूरिज्म’ को विशेष बढ़ावा दिया गया है. वन विभाग की पहल पर यहां ऐसी संरचनाएं तैयार की गई हैं, जहां पर्यटक प्रकृति के साथ तालमेल बिठाते हुए सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ठहर सकते हैं. आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक परिवेश का यह अनूठा संगम बेतला को खास बनाता है.
न्यू ट्री हाउस और मड हाउस, मुख्य आकर्षण
पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि पर्यटकों के ठहरने के लिए बेतला में कई आधुनिक और पारंपरिक विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र न्यू ट्री हाउस है. ऊंचे पेड़ों के बीच बने ये घर सैलानियों को जंगल के बीच रहने का एक रोमांचक और अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं. इसके अलावा ग्रामीण और प्राकृतिक जीवनशैली को करीब से महसूस करने के लिए बेतला क्षेत्र के बक्सा में मड हाउस (मिट्टी के घर) विकसित किए गए हैं. मिट्टी से बने इन आकर्षक कमरों में ठहरकर पर्यटक अपनी जड़ों और प्रकृति के करीब होने का एहसास कर सकते हैं.




