*35 से 70 एचपी वाले ट्रैक्टर में चल सकती है रोटावेटर मशीन*

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खेती के लिए तूफानी मशीन, घास को बना देगी खाद

खेती किसानी में आज के समय में अाधुनिक मशीनें ना चुकी है, हर काम के लिए एक नई मशीन आ गई है. यह सोली को सरल तो बना ही रही है, लागत भी बचा रही है एक ऐसी ही मशीन है रोटावेटर जो किसानों की दोस्त है क्योंकि ये राखेती किसानी के काम को आसान बनाती है। खेतों किम्वनी में किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत खेती है की समय से तोतों पर काम करने के लिए मजदूरों को लान, लेकिन जब ऐसे मशीन आ चुकी है जो मजदूरों की समस्या को तो दूर कर हो रही है, स्वथ ही किसानों की लागत भी बचा रही है पहले के समय में जब किसान खेती करता था तो पहले हाल बैल से खेतों की जुताई कसा फिर इसके बाद लोत में जो हेते तेने से उसको डंडे से या किसी और औजार से उसकी पुदाई करवाता था. उसके लिए मजदूर लगते थे जो घास फूस खेतों में गाती भी उसकी साफ सफाई करवाता था. तब जाकर का खेतों में बीज बुवाई का काम करता था, अब ऐसी मशीन आ चुकी है जो एक साथ ये सारे काम कर ही है, ये मशीन बेटावेटर माईन के नाम से जानी जाती है कृषि अभियत्रिको विभाग शहडोल के असिस्टेंट इंजीनियर आरके पवासी बताते हैं कि रोटावेटर मशीन किसानों के लिए गजब मशीन है, सुन्ई से जस्ट पहले का जो काम होता ये मशीन पूरा काम करती है.

रोटावेटर मशीन का क्या काम? कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अभिस्टेट इंजीनियर आरके पकली बताते हैं कि जो रोटावेटर माहीन होती है. जब आप अपने शोतों में पलाऊ से मिट्टी पलटते हैं, फिर इसके बाद कल्टीवेटर से जुताई करते हैं तो उसमें खेटे छोटे देले बचते हैं, तब कल्टीवेटर से जुताई के बाद गीत में रोटावेटर चलाया जात्व है जिससे वो खेले फूट जाते हैं, साथ ही जो घम होती है जो खरपतवार होते है, यह मशीन इस तरह से उसकी कटाई करती है कि के मिट्टी में मिल जाती है जब उसमें आप सिंचाई के लिए पानी लगाते हैं तो धरि-धीरे करके वे घास फूस भी सब याद का काम करने लगती है. स्वथ ही जब देते फूट जाते हैं मिट्टी बराबर हो जाती है तो इसमें शंखेश में फनी भी अच्छे से लग्णा है, और मिट्टी में जल भात्ण की इयता भी कही है.

खरपतवार को बना देती है खाद रोखवेटर मशीन का बहुत ही अच्छा उत्योग धान की खेती में रोय लगाते समप खेतों के मचाई करने के लिए किया जाता है, जब धान की रोपाई के लिए गोतों में कीचड़ बनाया जाता है तो रोटावेटर चला दिया जाता है, जिससे जितनी भी घास फूस होती है वो छोटे-छोटे टुकड़ों में कट के मिट्टी में मिल जाती है और पूरी तरह से राजद बन जाती है.

कितनी लागत, किस ट्रैक्टर में चलेगीः असिस्टेंट इंजीनियर आपके पपासे बताते हैं कि वे रोटावेटर मन 35 में 70 एबपी वाले ट्रैक्टर में चल सकती है. रोटावेटर मशीन चौड़ाई के हिसाब से 4 फुट से लेकर के 9 फुट की श्रेणी तक आते है, किसी भी श्रेणी की आप मशीन खरीद सकते है, पैसा भी उभी हिम्कन से तय होता है. ये मशीन १० हजार से लेकर के डेढ़ लाख रुपए तक अलग-अलग रेज में अशी है. इस मशीन में 35 हजार से लेकर के 49 हजार रुपये एक अनुदन होता है.

खेती और बागवानी के लिए बेहद उपयोगी

खेती और बागवानी में किम्वनों को कई ता की चुनौतियों का सामना करना पड़त है. जियों से एक बड़ी समस्या खेतों में उगने वाली जंगली घात और ड़ों की सफाई है चरिक तरीकों से इसे हटाने में अधिक समय और मेहनत लगती है. इसी समस्या को हाल करने के लिए प्रश कटर मशीन तेजी से लोकक्षिण हो वो है यह आधुनिक उपकरण पास, इवड़ियों और लोरे पैथों को आसानी से काटने में मदद करता है. जिससे कितनों की मेहनत कम होती है और खेतों की देखभाल आध्वन से जाती है.